उज़्लत-गुज़ीन-ए-बज़्म हैं वामांदागान-ए-दीद
मीना-ए-मय है आबला पा-ए-निगाह का
“The weary souls of sight choose solitude from social sway,The wine-cup is the blistered foot of the gaze's weary way.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
दृष्टि के थके हुए लोग महफिल से एकांत पसंद करते हैं। शराब का प्याला निगाह के थके हुए पैर का छाला है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
