ख़ाना-ज़ाद-ए-ज़ुल्फ़ हैं ज़ंजीर से भागेंगे क्यूँ
हैं गिरफ़्तार-ए-वफ़ा ज़िंदाँ से घबरावेंगे क्या
“Born of her tresses, why would they shun the chain? Captives of loyalty, why should prison cause them pain?”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
जो ज़ुल्फ़ों के ही घर में जन्मे हैं, वे ज़ंजीर से क्यों भागेंगे? जो वफ़ा के क़ैदी हैं, वे भला जेल से क्यों घबराएँगे?
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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