हैं मैरी मुश्त-ए-ख़ाक से उस को कुदूरतें
पाई जगह भी दिल में तो हो कर ग़ुबार हैफ़
“My very dust awakens in her such profound disdain, Alas, if in her heart I find a place, 'tis but as dust, causing her fresh pain.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
मेरी मुट्ठी भर धूल (मेरी हस्ती) से उसे रंजिशें हैं। अफ़सोस, अगर मुझे उसके दिल में जगह भी मिली तो वह धूल बनकर ही होगी।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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