अल्लाह रे तेरी तुंदी-ए-ख़ू जिस के बीम से
अजज़ा-ए-नाला दिल में मिरे रिज़्क़-ए-हम हुए
“Oh, such is the fury of your temperament, so profound its dread,That the very pieces of my lament in my heart by sorrow were fed.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
हे ईश्वर, तुम्हारे स्वभाव की ऐसी तीव्रता है, जिसके भय से मेरे दिल में मेरे विलाप के अंश दुःख का भोजन बन गए।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
