दर पे रहने को कहा और कह के कैसा फिर गया
जितने अर्से में मिरा लिपटा हुआ बिस्तर खुला
“He bade me stay at his door, but how quickly he changed his mind,In the time it took for my rolled-up bed to unwind.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
उन्होंने मुझे अपने दर पर रहने को कहा, पर यह कहने के बाद वह कितनी जल्दी पलट गए। यह सब उतने ही समय में हुआ जितने में मेरा लिपटा हुआ बिस्तर खुलता है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
