है अदम में ग़ुंचा महव-ए-इबरत-ए-अंजाम-ए-गुल
यक-जहाँ ज़ानू तअम्मुल दर-क़फ़ा-ए-ख़ंदा है
“In non-existence, the bud, engrossed in the flower's final fate,A world of kneeling thought conceals behind a single laugh's gate.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
अस्तित्वहीनता में, कली फूल के अंतिम परिणाम की शिक्षा में लीन है। गहन चिंतन का एक पूरा संसार, घुटनों पर झुका हुआ, एक हँसी के पीछे छिपा है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
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