है सवा नेज़े पे उस के क़ामत-ए-नौ-ख़ेज़ से
आफ़्ताब-ए-सुब्ह-ए-महशर है गुल-ए-दस्तार-ए-दोस्त
“By his fresh, towering stature, the sun soars a spear-length and a quarter high;The sun of Doomsday's dawn is but a flower in the beloved's turban.”
— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ
उसके ताज़ा और ऊँचे क़द से सूरज सवा नेज़े पर है। क़यामत की सुबह का सूरज तो दोस्त की पगड़ी का फूल मात्र है।
विस्तार
यह सुंदर शेर गहरी भावनाओं और दर्शन की खोज करता है। ग़ालिब ने बेहतरीन तरीके से प्रेम, लालसा और आध्यात्मिक खोज के विषयों को जोड़ा है, जो शताब्दियों से प्रेरणा देता है।
