Gaya gayaan gal mukdee naheen
Pawain sow sow pand parrhaeeay
“The ways of the world are not like a garden, They are like the dust that is blown by the wind.”
— बुल्ले शाह
अर्थ
दुनिया के तरीके बगीचे जैसे नहीं होते, वे हवा से उड़ने वाली धूल जैसे होते हैं।
विस्तार
यह शेर हमें समय और बातों की नश्वरता का गहरा संदेश देता है। Bulleh Shah कहते हैं कि जो बातें कहीं जा चुकी हैं, उन्हें वापस लाना मुमकिन नहीं। जिस तरह हवा (पवन) धूल के कण को चारों ओर बिखेर देती है, उसी तरह हमारे कहे हुए शब्द भी हवा में घुल जाते हैं। इसलिए, हमें हर बात कहने से पहले एक बार ज़रूर सोचना चाहिए, क्योंकि एक बार जो बात कह दी जाए, वह हमेशा के लिए दूर हो जाती है।
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