यूं 'घायल' हूं अदना शायर ही मैं, सर्वथा शानदार जिया हूं मैं।
“Though I, 'Ghayal', am but a humble poet, I have lived a life entirely splendid.”
— अमृत घायल
अर्थ
मैं 'घायल' भले ही एक साधारण शायर हूँ, लेकिन मैंने हर तरह से एक शानदार जीवन जिया है।
विस्तार
यह शेर नज़ाकत और आत्म-सम्मान का अद्भुत संगम है। शायर कह रहे हैं कि मैं भले ही एक मामूली, अदना शायर हूँ, लेकिन मेरी ज़िंदगी... वो साधारण नहीं रही। यह शेर हमें सिखाता है कि असल शान या महानता किसी ओहदे या खिताब में नहीं होती, बल्कि उस जीवन की गहराई और गुणवत्ता में होती है जो हमने जिया है।
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