Sukhan AI
मंद कभी हुई मेरी गति,बस यूँ ही मार मार जिया हूँ

My pace never did become slow,Thus I simply lived, taking blow after blow.

अमृत घायल
अर्थ

मेरी गति कभी धीमी नहीं हुई। मैं बस मार खाते हुए ही अपना जीवन जीता रहा।

विस्तार

यह शेर एक ऐसी ज़िंदगी की बात करता है जो कभी धीमी नहीं हुई। शायर कहते हैं कि उनकी गति कभी रुकी नहीं.... उन्होंने तो बस लगातार संघर्ष और दर्द सहकर जीना सीखा है। यह एक अथक, कभी न रुकने वाले जज़्बे को बयान करता है।

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.