“They obtained their measure, know it like a reflection.”
उन्हें उनका पैमाना प्राप्त हुआ, इसे परछाईं की तरह जानो।
यह दोहा कर्म और उसके परिणामों की अकाट्य सच्चाई के बारे में बताता है। इसका अर्थ है कि व्यक्ति जो भी कर्म करता है, उसके 'प्रमाण' या परिणाम अवश्य सामने आते हैं। इसे एक परछाई की तरह समझें: जिस तरह आपकी परछाई हमेशा आपके साथ रहती है और आपकी उपस्थिति का स्पष्ट प्रमाण है, उसी तरह आपके कर्मों के फल भी हमेशा आपके साथ होते हैं, स्पष्ट और अपरिहार्य। यह हमें याद दिलाता है कि हमारे कार्यों के निश्चित और प्रत्यक्ष परिणाम होते हैं, ठीक वैसे ही जैसे एक परछाई अपने स्रोत का ईमानदारी से अनुसरण करती है, जिससे हमारे कर्म प्रकट और ज्ञात होते हैं।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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