“Though great it is, the moon remains unseen;Akho declares, 'This is Maya's deceptive screen.'”
यह बहुत है तो भी चाँद दिखाई नहीं देता। अखो कहते हैं, 'यह माया का फंदा है।'
यह दोहा संत कवि अखो महाराज द्वारा कहा गया है, जो सत्य और भ्रम (माया) के बारे में है। वे कहते हैं, "बहुत कुछ है, फिर भी चंद्रमा दिखाई नहीं देता।" इसका अर्थ है कि सत्य या दिव्य उपस्थिति प्रचुर मात्रा में मौजूद है, लेकिन हम उसे देख नहीं पाते। जैसे घने बादलों के पीछे छिपा चाँद होता तो है, पर उसकी रोशनी हमें नहीं दिखती। अखो महाराज समझाते हैं कि यह सब "माया का फंदा" है। माया वह भ्रम है जो हमें वास्तविक सत्य को देखने से रोकती है। हमारी इन्द्रियाँ और मन सांसारिक मोहमाया में फँसे रहते हैं, जिससे हम उस परम सत्य को अनुभव नहीं कर पाते। यह हमें सतही बातों से ऊपर उठकर देखने की प्रेरणा देता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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