નહિ પગલાંને શરણે જા ત્યારે અખા ભવની મટે અજા.

“Do not seek refuge in mere footsteps, Then, Akha, ignorance of existence ceases.”

— अखा भगत
अर्थ

केवल बाहरी क्रियाओं या सतही मार्गों की शरण न लो; तभी, अखा, संसार की अज्ञानता दूर होगी।

विस्तार

अखा भगत हमें सलाह देते हैं कि हमें आँख मूंदकर स्थापित रास्तों या बाहरी रस्मों-रिवाजों का पालन नहीं करना चाहिए, जिन्हें वे लाक्षणिक रूप से 'पैरों के निशान' कहते हैं। वे सुझाते हैं कि सच्ची आध्यात्मिक समझ बाहरी क्रियाओं से नहीं, बल्कि भीतर की अनुभूति से आती है। जब आप केवल परंपराओं पर निर्भर रहना छोड़कर अपने भीतर वास्तविक ज्ञान की खोज करते हैं, तो आपके आस-पास की दुनिया का भ्रम और अज्ञान दूर हो जाता है। यह अपने लिए सोचने और अपनी सच्चाई खोजने का आह्वान है, बजाय इसके कि आप दूसरों की नकल करें। इससे स्पष्टता और शांति मिलती है, और आप सांसारिक भ्रमों से पार पा सकते हैं।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.