सुख़न के साथ सीखें

शायरी को समझिए

छोटी फ़िल्में जो एक-एक शेर खोलकर ग़ज़ल समझाती हैं, शायरों की ज़िंदगी की कहानियाँ सुनाती हैं, ग़ज़ल की बनावट बताती हैं और उर्दू, हिंदी और गुजराती शायरी की बड़ी किताबों की समीक्षा करती हैं।

ग़ज़ल की व्याख्या9:28पत्ता पत्ता बूटा बूटा – मीर तकी मीर ग़ज़लPatta Patta Boota Bootaमीर तकी मीर की अमर ग़ज़ल 'पत्ता पत्ता बूटा बूटा' में एकतरफा इश्क़ और 18वीं सदी की दिल्ली का दर्द झलकता है। यह वीडियो शेरों के प्रतीक, अर्थ और मीर की शायरी की स्थायी छाप को विस्तार से समझाता है। जानिए क्यों मीर की आवाज़ आज भी टूटे दिलों की सबसे बड़ी आवाज़ है।मीर तक़ी मीर · 9 अध्यायग़ज़ल की व्याख्या9:35दिल-ए-नादाँ व्याख्या – मिर्ज़ा ग़ालिबDil-e-naadaan tujhe hua kya haiमिर्ज़ा ग़ालिब की प्रसिद्ध ग़ज़ल 'दिल-ए-नादाँ तुझे हुआ क्या है' का गहरा विश्लेषण। इस वीडियो में प्रेम, दिल टूटने और अस्तित्व के सवालों को समझाया गया है, साथ ही सूफ़ी प्रतीकों और शेरों के अर्थ भी बताए गए हैं।मिर्ज़ा ग़ालिब · 8 अध्यायशायरी की समझ9:39मीर और इक़बाल: बाग़ और आसमानThe Garden and The Skyयह वीडियो मीर तकी मीर और अल्लामा इक़बाल की प्रसिद्ध शायरी के माध्यम से उनके विपरीत दृष्टिकोणों को समझाता है। मीर की कविता उजड़े बाग़ की उदासी में डूबी है, जबकि इक़बाल की शायरी आकांक्षा के अनंत आसमान में उड़ती है। दोनों कवि प्रेम, पीड़ा और मानव आत्मा को अलग-अलग दृष्टिकोणों से देखते हैं।मीर तक़ी मीर · 5 अध्याय